देशहित की बातें करके
नेता काट रहे हैं माल
जैसे हर कोई छूना चाहे
सुंदर गोरी का गाल
कबीरा सा रा रा

नील सियार पे पड़ने से
जो था सियार का हाल
वैसे ही गद्दी पा के बदल गयी
नेता जी की चाल
कबीरा सा रा रा

ज्यों जुएघर में रहता
जुआरी का हाल
त्यों कर्मचारियों की दशा हुई
पैसा NPS में डाल
कबीरा सा रा रा

भारतमाता की चरणों में सैनिक
चढ़ा रहे अपने शीशों की थाल
देश को चलाने आये
सब पप्पूओं के लाल
कबीरा सा रा रा

स्वर्ग की चाहत ने 
जो किया त्रिशंकु का हाल
वैसे ही कोरोना ले डूबा
अपना पूरा साल
कबीरा सा रा रा

🎉🔫बुरा ना मानो होली है

        ----दीपक कुमार