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आज का टॉपिक पोस्ट कार्ड देखने के बाद मुझे अपनी... पुरानी कुछ बातें याद आ गई जो मैं आप लोगों के सा थ शेयर करना चाहती हूं,
मैं अपनी शादी के 2 दिन बाद जब अपने घर पग फेरे के लिए आई थी काफी अच्छा लगा था मुझे अपने घर आकर लेकिन मेरे पतिदेव बहुत ही परेशान थे.....
मुझे अपने मायके आए हुए एक हफ्ता ही बीता था, उन 1 हफ्ते में ही पोस्टमैन दरवाजे पर आता है और मेरे नाम से लैटर मेरी छोटी बहन को देकर जाता है,
मैं बहुत डर गई थी मैंने सोचा यह मेरे नाम का लेटर किसने भेजा है आज तक तो ऐसा नहीं हुआ पापा के नाम से आता है वो लैटर मेरे पतिदेव का था, मुझे देख कर बड़ी खुशी हुई ......
वो खुशी वो पल मैं आज भी नहीं भूली, आज भी वो मेरे पतिदेव के हाथ के लिखे हुए हैं लैटर सारी यादें पढ़ने में जो खुशी मिलती है वह सब आजकल मोबाइल में देखने से भी नहीं मिलती,
मोबाइल की चैटिंग तो सब डिलीट हो जाती है लेकिन खत में लिखी हुई यादें हमारे पास होती हैं खास होती हैं दिल के करीब होती है जब चाहे जी चाहे उन्हें खोल कर देख ले सच वह खत वाला जमाना अब नहीं रहा लेकिन उसकी यादें आज भी हमारे पास सुहानी यादें बनकर है
संगीता वर्मा✍✍

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