इन रंगदार रौशनी में तन मेरा थिरक जाए, 
मन बहक बहक सा जाए,नशा सा छा जाए, 
हर एक की बदन की वो भीनी भीनी खुशबू
इन सासों को महकाए...! 
उस संगीत की वो रात,मस्ती से झूमती वो रात
कहीं शोर शराबों की वो रात, बज रहा वो मधुर मधुर वो संगीत,वह गीत, गजलों की वो इक नशीली सी रात...! 


घुंघरूओं की आती इक छन छन सी झंनकार,
कहीं  सुर और ताल पर बजता वो साज़,कहीं तालियों की गूंजती वो आवाज,कहीं मधुर से गीतों की वो साज...! 
वो सब फनकारी की मस्त मस्त अदाएं, सबका मन मोह जाएं,वो सबके दिल को लुभायें...! 


   ❤❤मनु✍🏻🌱🌱