ओ मेरे श्यामल कान्हा
जरा अपनी दरस दिखाना
निशदिन निहारु तुम्हें कन्हैया
जरा पनघट पे तुम आना ।।
ओ मेरे श्यामल कान्हा
जरा रूप मनोहारी दिखाना
भोर भयो पनघट पे
रविलोचन तुम शीघ्र आना ।।
ओ मेरे श्यामल कान्हा
जरा बांसुरी की धुन सुनाना
अपलक मैं तुम्हें निहारू
मुझे तुममें ही खो जाना ।।
ओ मेरे श्यामल कान्हा
जरा मुझको तुम रिझाना
तुम बिन कैसी मैं राधा
अखियन में तुम्हीं समाना ।।
ओ मेरे श्यामल कान्हा
जरा अपनी दरस दिखाना
भोर भयो पनघट पे
नैनो को सुखकर जाना
मैं तेरी राधे,तू मेरा कान्हा
जीवन भर संग निभाना ।।
राधे का कृष्णा,कृष्णा की राधे
जय राधे कृष्णा,जय कृष्णा राधे
कृष्णा संगिनी राधे-राधे
कृष्णा आनंदिनी राधे-राधे ।।
💐 जय राधे-कृष्णा 💐
🙏💐🙏💐🙏💐🙏
मनीषा भुआर्य ठाकुर

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