भोले का रंग
श्याम रंग में सभी है रंगते
में भोले के रंग में
नेनोकी इस दुनियां में
भोले मेरे संग में
मोहे भोले रास आया
सब रहते है महलों में
में रहूंगी जंगल मे
कंदमूल में मग्न रहु में
ना भाए मुझको भंग रे
कैलासी इस अविनासी में
में ढल गई हर रंग में
भोला गुमे जंगल जंगल
में बैठी कन्दरा में
मुझको भोला रंग चढ़ा
कोई भाये मोरे संग ना
में भोले के रंग में रंगी
मुझे चढ़े ना दूजो रंग सा
संध्या पंवार राजस्थान

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