एक अजनबी हसीना को देखा
उसकी झील सी आंखें,रुखसार
पर तिल मानो दौलते हुस्न पर
दरबान बिठा रखा है, लबों पर लाली।
घुंघराले गेसू मुझे दीवाना कर गए।
वो आ गई अचानक नजर के सामने
उसके चेहरे पर बिखरे हुए बाल
जैसे चांद जमीं पर उतर आया हो।
खूबसूरत बात ये कि पल दो पल का साथ था,
मैं अकेला था पर ये मुलाकात सारी
उम्र याद रह जायेगी।
अजनबी हसीना से मुलाकात हसीन मुलाकात बन जायेगी।
हरप्रीत कौर

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