जो कभी हमारे जीवन का हिस्सा था
कहते तो उस किस्से को बचपन है
सच पूछो तो बस वही जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा था.....
कटी पतंग के पीछे भाग करते थे
बरसात में कागज़ की नाव बनाया करते थे
मां पापा से रूठने के बाद भी
चॉकलेट हम ही खाया करते थे
चोट जब लगती थी पूरे मोहल्ले में रोकर बतलाया करते थे
एक रुपये में करोड़ो की खुशियां खरीद लाया करते थे
हम उस वक़्त नादान परिंदों की तरह बेफिक्र हुआ करते थे....
कहते तो लोग उस वक़्त को बचपन है ....
सच पूछो तो बस वही जिंदगी का एक खूबसूरत किस्सा था ......!!!!
श्रेया सचान✍️❤️

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