देखो भोर का सूरज भी क्या पैगाम लाया है
रवि भी मीठी किरणों के साथ आया है
यह कैसी रोनक है मौसम में छाई
बसंती बयार चारों तरफ है आई
फूल भी पुष्पित पल्लवित हो रहे
नव वर्ष मुबारक हो तुम्हें गीत यह है बोल रहे हैं
उत्साह उमंग उर्जा से भरने नववर्ष देखोआ रहा
भोर का सूरज भी खुशी के गीत गा रहा
मां के स्वागत में देखो झूम झूम के आ रहा
कर लो मां की पूजा जो अमृत बरसाने वाली है
लाल लाल मां चोला तेरा
लाल लगीं किनारी है
हम तो मैया ऐसी पूजा जैसे सब संसारी हैं
जगदंबे का नाम सुमिरले
ये वक्त ना फिर आएगा
जीवन का कुछ भरोसा नहीं
पल में क्या हो जाएगा
जीवन पर अभिमान करो ना
माटी का सा ढेला है
रहता मनमौजी पंछी यहां
कब उड़ जाए अकेला
जग में काम करो नेकी के
अंत में काम वहीं आएगा
सुमिरले नाम मैया का ।
भव से बेड़ा पार हो जाएगा।
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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