नयना लागे हैं द्वार, भवानी......
सिहां पे देखो सवार, महारानी,
संग में लायीं नौ बहिना, भवानी,
नयना लागे हैं.......
दर्शन को आये तुम्हार, भवानी,
नयना लागे है द्वार, भवानी.......
शुंभ- निशुंभ को तुमने मारे,
शुंड भुसुंड बचे न, भवानी......
नयना लागे हैं.......
दर्शन को आये तुम्हार, भवानी,
नयन लागे हैं द्वार, भवानी........
रक्त- बीज दानव को मारा,
राक्षस एकऊ बचे न, भवानी......
नयना लागे हैं........
दर्शन को आये तुम्हार, भवानी,
नयना लागे हैं द्वार, भवानी......
चौसठ जोगिन मंदिर बनो है,
लंगूरा बसत जा में, भवानी......
नयना लागे हैं........
दर्शन को आये तुम्हार, भवानी,
नयना लागे हैं द्वार, भवानी......
पाँच भगत मैया तोरे जस गाऊँ,
दूर करो न चरण भवानी......
नयना लागे हैं.........
दर्शन को आये तुम्हार, भवानी,
नयना लागे हैं द्वार, भवानी......
भजन रचना -रजनी कटारे
जबलपुर (म.प्र.)

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