चम्पा चमेली जुही की कलियाँ,
हार लायी रे मलनियांँ.....
मैया के लिए हार लायी.......
शीष मैया के बिंदिया चमके,
कानों में तेरे झुमकी दमके,
पुष्प वारेंगी सारी सखियाँ,
हार लायीं रे मलनियाँ,
चम्पा चमेली......
गले में तेरे माला महके,
हाथों में तू खड़ग खपर धारे,
पुष्प वारेंगी सारी सखियाँ,
हार लायीं रे मलनियाँ,
चम्पा चमेली.........
पाँवों में तेरे पायल बाजे,
पैरों में मैया मैं मैंहदी राचे,
पुष्प वारेंगी सारी सखियाँ,
हार लायीं रे मलनियाँ,
चम्पा चमेली.........
अँग की चुनरी गोटा वाली,
लहंगा पहने भरकम भारी,
पुष्प वारेंगी सारी सखियाँ,
हार लायीं रे मलनियाँ,
चम्पा चमेली..........
चम्पा चमेली जुही की कलियाँ,
हार लायी रे मलनियाँ,
मैया के लिए हार लायी.......
भजन रचना -रजनी कटारे
जबलपुर (म.प्र.)

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