शतरंज की बिसात पर रानी बना कर लाए थे।
प्यादा बनाकर रख दिया।
रानी को हर हालात से लड़ने के लिए। 
सबसे आगे कर दिया। 

राजा की मर्जी से चलते चलते। 
जगह अपनी ना बना पाई।
कभी टेढ़ा चला किसी ने। 
कभी सीधे चलकर मात खाई।

घोड़े हाथी कुछ नहीं काम आया।
वज़ीर के आगे भी उसने गुहार लगाई। 
हर खाने में मिली मात उसे।
हर बार उसने शह पर मात खाई।

नीलम गुप्ता 🌹🌹(नजरिया )🌹🌹
           दिल्ली