चरणों में खड़े हम वीर हनुमंता
बेड़ा पार करो बलवंता
दुख के बादल गहरे छाए
कोरोना इधर उधर ना जाए
करे प्रहार पर प्रहार हनुमंता
घर-घर को अपनी चपेट में ले लिया
चारों तरफ त्राहि त्राहि भगवन्ता
कृपा करो हे कृपा निकन्ता
समुद्र लांग सीता सुधलाए
रुद्रावतार तुम कहलाए
सिया राम के काज संवारे
लाय सजीवन प्राण बचाए
सारा जग पुकारे हनुमंता
कृपा करो अब वीर बलवंता
एक नजर तुम सब पर डालो
अपनी कृपा से आप बचा लो
हे अंजनी पुत्र बलवंता
हम बालक नादान तिहारे
तुम तो हो सब जानन हारे
क्षमा करो सब अपराध हमारे
कर दो जग का कल्याच
कृपा करो हे कृपा निधान
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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