तेरे पास हर परेशानी का हल 
बस मुस्कुराता चल ,बस मुस्कुराता‌ चल ।
सूरज की किरणें गगन से ,धरा को है चूमती,
 सिंगार उसका करने ,धीरे धीरे किरणों से उसे निहारती
  सतरंगी चुनरिया पहन वह खुद पर शर्माती।
  मौसम से बहारों का खिलाता आंचल
 तेरे पास हर परेशानी का है हल 
 बस मुस्कुराता चल ,बस मुस्कुराता चल।
 फूलों में खुशबू बसी ,मन को महकाती 
 है पक्षी उड़ान भरते ,मंजिल को ढूंढते।
 नदियां की लहरें ,कल कल कल
  समुंदर में मिल जाती है,
   तेरे पास हर परेशानी ‌ ‌का हल 
  बस मुस्कुराता चल ।
  जिसके पास हंसी वह दुनिया में धनवान बड़ा
   धन दौलत से बढ़कर ,अनमोल खजाना है येबड़ा
    लुटाता चल हर एक पर हर घड़ी यह दौलत
     है अनमोल बड़ी , है अनमोल बडी
     सब को साथ लिए बस 
     फिर मुस्कुराता चल  
     हंसी बिखेरी है जितनी भी ,सहस्त्र गुना हो जाएगी        आकर तेरे तन मन को खिल खिलाएगी
      मुसीबत किसी की एक बार, तू यूं ही हरता चल ।
      सबको साथ लिए, बस मुस्कुराता चल
       तारों की चांदनी शीतलता लाएगी 
       तेरे मन में खुशी के पुष्प खिलाएगी 
       बस मुस्कुराहटे अपनी हर पल बिखेरता चल
        हर परेशानी का हल है तेरे पास बस मुस्कुराता चल।।
                      दिल की कलम से 


                         मधु अरोड़ा