देश के हमारे फौजी अपना फर्ज निभाते
         भारत माता के लाल,जान देकर कर्ज चुकाते
            देश के सच्चे सपूत तुम ही तो कहलाते
         समर्पण त्याग तुम जैसा,कोई नहीं कर पाते"
               
                     "जय जवान जय किसान"यह नारा ऐसी ही नहीं लगाया जाता। हमारे देश का किसान फसल उगाकर  अनाज उपलब्ध कराता है। तभी तो हम भूखे नहीं रहते, दूसरी ओर हमारे देश के ये फौजी जवान अपने देश के खातिर सरहद पर तैनात दिन-रात ,सर्द-गर्म किसी भी मौसम की परवाह न करते हुए, देश की सुरक्षा करते हैं।ताकि दुश्मन की बुरी नजर भी ना पड़े।
                      एक फौजी जैसा त्याग समर्पण कौन कर पाता है,घर परिवार से दूर अपनी खुशियों से ज्यादा उस फौजी को देश की सुरक्षा की चिंता होती है कि मेरे देश के लोग सुरक्षित रहे।यह फौजी(जवान सिपाही) देश की रीढ़ होते हैं।रीढ़ मजबूत होगी तभी तो हमारे देश का ढांचा  सलामत रहेगा, इसलिए भारत सरकार को हमारे फौजी भाइयों के निजी जरूरतों और उनकी सुरक्षा से संबंधित आवश्यकताओं का ध्यान रखना चाहिए।
फौजी(सैनिक,जवान) हम भारतीयों की जीवन की सुरक्षा के लिए सरहद पर 24 घंटे दिन रात तैनात रहते हैं, और निस्वार्थ देश की सेवा करते-करते अपनी जान तक लुटा देते हैं।ऐसे परोपकारी जीवन जीने वाले जवानों को मेरा प्रणाम।
देश के इन सपूतों के लिए जितना भी लिखा जाए उतना कम है।
(भारत देश के सभी फौजी (जवानों ,सैनिकों) को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम🙏🙏🙏🙏🙏💐💐💐💐💐)
               
                     मनीषा भुआर्य ठाकुर
                          कर्नाटक