छोटी छोटी बंईयाँ, छोटी छोटी पंईयाँ,
छोटो सो मेरो, वीर हनुमान,
छोटी छोटी बंईयाँ.......
राम जी के सेवक, राम जी के दास,
चरणों में उनके, वीर हनुमान,
छोटी छोटी बंईयाँ.......
अंजनी सूऽऽत, राम के दूऽऽत,
सीता की सेवा में, वीर हनुमान,
छोटी छोटी बंईयाँ.......
सुरसा को मारे, सिन्धु को लाँघे,
लंका ढहाये, वीर हनुमान,
छोटी छोटी बंईयाँ......
पूँछ प्रजारी, लंका जलायी,
कूंद पड़ा वो, सिन्धु मँझारी,
छोटी छोटी बंईयाँ.......
भक्तों में भक्त, राम जी के भक्त,
दुनिया ने माना, वीर हनुमान,
छोटी छोटी बंईयाँ......
काव्य रचना -रजनी कटारे
जबलपुर ( म.प्र.)

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