कोरोना काल
शुरू हुआ जबसे
है बुरा हाल
बेरोजगार
मजदूर बेचारे
भाग्य से हारे
खो गई जैसे
बाजारों की रौनक
फैले सन्नाटे
शिक्षा थमी सी
भेंट चढ़ी इसकी
स्कूलों की हस्ती
सब मनाये
त्यौहार भी अकेले
न लगे मेले
बीत ही जाए
कठिन वक़्त अब
साथ हों सब
अब है ठाना
सतर्क रहकर
इसे हराना
✍🏻प्रीति ताम्रकार
जबलपुर

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