रस्म इश्क़ की ऐसे निभाना की
आस्तीन मे खंजर हो जैसे छिपना,

 हम आए हैं शहर में तेरे,हमारी 
राह में फूल बिछाए रखना,

जिन्दा रहने के लिए देखते है तेरी सुरत
बस मेरा ही ख्वाब आखो मे सजाये रखना,

याद आती है तेरी प्यार का हर वो 
पहर
बस तू मेरी दुआए अपने साथ रखना,

वक्त का क्या वो तो मेरा गूजर जायेगा
पर तू मेरे प्यार का दिया अपने सिने मे जलाए रखना,

रस्म इश्क़ की निभाए रखना।❤

मेरी ✍से