मैं बातों में रस घोलकर
आंखों में आंखें डाल कर
अपनी अर्धांगिनी से बोला,
"प्रिय, हमारा जन्मों - जन्मों का साथ है ।"
वह थोड़ी मुस्कुराई, शरमाई
और सकुचाते हुए बोली,
"जी सही कह रहे हैं आप
हमारा यह सातवां ही जन्म है ।"
मैं आंखों में प्रश्नचिन्ह लिए बोला,
"यह तुम कैसे कह सकती हो
कि हमारा सातवां जन्म है
पहला भी तो हो सकता है ?"
वह अंदाज बदल कर
विश्वास के साथ बोली,
"जितना मैं आपको जानती हूं
एक जन्म में तो जान नहीं सकती ।"
मैं आश्चर्य से बोला,
"अच्छा क्या जान लिया ऐसा ?"
वह फर्श की ओर उंगली दिखाते हुए बोली,
"वे मिट्टी के पैरों के निशान आपके ही है ना ।"
मुझ पर से प्यार का भूत उतर गया
एक जन्म ही भारी पड़ गया
कहां जन्मों - जन्मों का साथ है
इस जन्म को निभाना ही बड़ी बात है ।

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