घरेलू हिंसा
रीया नए घर मे शिफ्ट हो गई ,पर उसे यहा अच्छा नही लग रहा था उसका पति सुबह ही ऑफ़िस के लिए निकल जाता और शाम तक आता वो घर के काम मे खुद को बिज़ी रहती उसकी 3साल की बेटी भी है ।
उसके फ्लैट के पास दो फ्लैट थे उनसे वो बात करती थी ।पर सामने वाली उसकी पडोसन जिसका नाम रुचि था वो ज्यादा नही किसी से बात करती थी ,चुप चुप सी रहती थी ,उसके चेहरे पे कोई मुस्कराहट भी नही रहती थी.................
एक दिन रीया अपने पति का इन्तज़ार कर रही ती उसका दरवाज़ा खुला ही था तभी उसको चीखने की आवाज सुनाई दी जैसे कोई किसी को मार रहा हो,वो बहार आ गई उसने ध्यान से सुना तो उसे रुचि के घर से आवाज आ रही थी।तब तक उसका पति आगया और दरवाज़ा बंद कर लिया उसने।
रीया ने अपने पति को बोला तो वो उसे ही बोलने लगा किसी के घर के मामलों में नही पडना चाहिए ।
सुबह रीया ने जब रुचि को देखा तो उसकी आंखें सूजी हुई थी उसके चेहरे पे चोट के निशान थे ।पर रीया ने कुछ बोला नही उसे आस -पास से पता चला कि उसका पति उसे रोज मारता पिटता हैं,किसी के भी सामने उसपे हाथ उठा देता है,और वो कूछ नही बोलती इसकी वजह से उसका 9साल का बेटा हमेशा डरा हुआ रहता हैं ।
रीया अब रोज रात मे अपना दरवाज़ा खोल के रखती तो उसे मार पिट की आवाजें आती ।
एक दिन उसे रहा नही गया रुचि की रोने और चिलाने की आवाज बहुत ही दर्दनाक आ रही थी ,उसने हिम्मत कर के उनका बेल बजाया दरवाज़ा बहुत ही देर बाद खुला तो वो सामने का मंजर देख के दंग रह गई उसके बेटे के सर से खुन बह रहा था और रुचि का हाथ जला हुआ था मैने उसके पति को बोला की तुम ऐसा क्यों करते हो क्यों मारते हो अपनी बीवी और बच्चे को .............
वो रीया पे ही चढ़ गया ये मेरे परिवार का मामला है तू कौन होती है बोलने वाली ये मुझे पीने को रोकती है ये कौन होती हैं रोकने वाली बच्चे को मना कर के रखी है वो डरता है मेरे से पास नही आता ,उसके मुह से शराब की बदबू आ रही थी ।
रीया ने बोला तुम उसके सामने उसकी माँ को मारोगे ,गंदी गालीया दोगे तो वो तो डरे गा ही ना ,,,,,तू मुझे बतयेगी की क्या सही है क्या गलत इतना बोल के उसने रीया को धक्का दे दिया वो गिरते-गिरते बची ,उसने अपना दरवाज़ा बंद कर दिया ।
रीया कूछ ना कर पाई ,वो तो रुचि को दवाई भी नही दे पाई,उसे रात भर नींद नहीं आई वो सोचती रही की क्यू सह रही हा रुचि ये सब शायद बच्चे के लिये पर बच्चा तो सहम गया है वो दिमागी तोर पे कमजोर हो रहा है,रुचि भी कितने दिन जी पाएगी रोज मार खा के।
अगले दिन फिर उसे शोर सुनाई दिया ,पर रीया अब नही रह पाई उसने 100नम्बर पे फोन लगा दिया थोड़ी देर बाद पुलिस आ गई पुलिस ने भी सब सुना ,बेल बजाया तो थोड़ी देर बाद ही खुला
वो तो पुलिस को देख के हक्का-बक्का रह गया ,वो जेल गया उसके बीवी और बच्चे को अस्पताल भेजा गया ।
रीया की वजह से दो लोग बचे
पर सवाल तो है की क्यू सहती है औरते इतना सब कुछ ।
आज भी कई घरों में होता है।

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