परिवार जीवन की पूंजी हैं। 
खुशियों भरी कुंजी है। 
साथ है सुख और दुख ।
निभाए रिश्ते कुछ झुक। 

ना अभिमान है।
न अहम् का कोई काम है।
परिवार है एकता।
जीवन की सुलभता।

बड़ों का आशीर्वाद है।
बच्चो की मुस्कान है। 
चहकती बगिया ।
आराम का तकिया। 

मन का चैन है।
तन का विश्राम है।
उम्मीद की किरण। 
प्रभु के शुभ चरण।

नीलम गुप्ता 🌹🌹(नजरिया)🌹🌹
             दिल्ली