" इस मोबाइल के युग में
अपने नाम का ख़त
लिए खड़ी हूॅं आज ।
उलट - पुलट कर देखा तो
आप के नाम का ख़त
बेजान पड़ा है मेरे हाथ ।।
कितने दिन और कितनी
रातों के इंतजार का
फल है आप का खत ।
टूटे हुए दिल के तारों
को जोड़ने की आखिरी
उम्मीद है आप का खत ।।

धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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