झमाझम बारिश की बूंदों में
मैं प्यार का पैगाम लिखूं
तपती रेत में हो तुम
शीतलता भरी संदेश एक,
तुम्हारे नाम लिखूं
गर्म नैनों के भंवर में,
मैं ठंड़क भरी एक
शाम बनूं,
रोक ना लेना खुद को तुम
झिलमिल सितारों संग
जब मैं आसमान बनूं,
उड़ती बादलों संग मैं
तुमसे मिलने आऊंगी
सारी तपन को मैं
तुमसे दुर ले जाऊंगी,
थोड़ा तुम संग हमारे सांस
भर लेना फिर मैं,
दुर कहीं पुनः हवाओं
में खो जाऊंगी।।

प्रिया ❤️✍️