तेरी मेरी कहानी
मिले थे जब हम वो शाम थी तूफानी ,☁️
चल रही थी मौसम की मनमानी,
हवाओ मे तेरी ही खुशबु थी,वो जिस्मानी,🌨
देख के लगा जैसे,कई जन्मों से है रूहानी।
अपने अधरो से लगा के ,हल्क से उतार के,
तेरी गरमाहट को पा के,
भुल जाऊ अपनी उलझनों भरी जिन्दगी,
बस यही हैं चाय और मेरी कहानी
जैसे सुबह की औस का हो पानी
याद रखेंगे सब जुबानीl
तेरी मेरी कहानी ☕
❤

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