आज कूछ बाते चाय पे हो जाए ।

चाय भी छलकती है जाम की तरह,
कभी इस का नशा कर के तो देखो,
चाय पी कर भी बहकने लगोगे जाम की तरह ,
कभी अपने आँगन मे महफिल जमा के तो देखो।

कोई ये नही कहता की,
ना सुन्दर,
ना सयानी चाहिए,
ना काम करने वाली,
ना नौकरी वाली चाहिए 
मुझे तो बस चाय की दिवानी चाहिए।☕😃😉