आता घर में खुशियों का मौसम
जब भी तुम मुस्काती हो
मायके की रौनक हो
मेरी प्यारी भाभी हो
शरमाती, सकुचाती थी पहले
अब दोस्त बनी सबकी सच्ची
प्रेम समर्पण से सम्हाली
अपने सपनों की गृहस्थी
कभी सखी, कभी बड़ी बहन
बनकर मुझे समझाती हो
और कभी तो माँ के जैसे
स्नेह तुम लुटाती हो
नज़र लगे न कभी किसी की
दिल दे रहा है यही दुआएं
मेरी प्यारी भाभी को
जन्मदिन की शुभकामनाएं
✍️प्रीति ताम्रकार
जबलपुर

0 टिप्पणियाँ