आसमां के सीने पे
चांद की सरगोशी चल रही है
रात के आंचल में,नादां चांद की
अठखेली सिमट रही है,
ऐ चंदा! हौले से आना,
तारों की डोली में बिठाकर,
रात्रि को अपनी गलबहियों में
छिपा के आसमां से लिपट जाना,
सदियों तक तेरी मोहब्बत को
गुनगुनायेगा, हर एक दिल दीवाना
तेरी मोहब्बत का हसीं सा तराना
तराना-तराना-तराना।।
रिदिमा होतवानी 🌹🙏

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