जब जब तुझे पुकारा माँ, तूने दिया सहारा माँ,
रहने ना दी मेरी झोली खाली,
नाम तेरा माँ झंडे वाली।
हर दुःख में हर संकट से मुझे तूने निकाला, जब भी मैं बन के आया तेरा सवाली,
नाम तेरा माँ झंडे वाली!
अलग अलग रूप में दिया सहारा, कभी बन लक्ष्मी कभी सरस्वती कभी बनी काली,
नाम तेरा माँ झंडे वाली!
हर पल अपना हाथ रखो मेरे सर पर,दिखाओ अपनी महिमा निराली,
नाम तेरा माँ झंडेवाली!
श्वेता अरोड़ा

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