उसके दिल पर क्या सितम ढाया होगा,
जब उसने मौत को गले लगाया होगा!
बच्चो को जी भर कर निहारा होगा,
चेहरा चारो ओर घुमाया होगा,
सोचा कोई तो बचाने आया होगा,
जब उसने मौत को गले लगाया होगा!
किसी का भी ना उसे कोई सहारा होगा,
बेबस होकर बेचारगी से कदम उसने ये उठाया होगा!
सीने मे उसके दफन उसका हर एक दुलारा होगा,
जब उसने मौत को गले लगाया होगा! 
                        श्वेता अरोड़ा