बात बहुत पहले की है ,कारगिल युद्ध के दौरान  बहुत सारे फौजी अपना घर ,परिवार छोड़ कर अपनी जान की परवा किये बैगेर देश को बचाने मे लगे हुए थे । हर एक जवान भारत माता की सेवा मे लगा हुआ था ।और उन सबका परिवर भगवान के सामने बस यही मागता था की उनका बेटा,पति ,पिता सब कुशल मंगल अपने अपने घर आजाये।
पर उस परिवार में से एक जवान की पत्नी ने तो खाना पानी ही छोड़ दिया था ।जब भी वो समाचार मे देखती की इतने सैनिक मारे गये तो वह रोने लगती ।दिन रात बस यही मागती की उसका पति आ जाये ,उसका नाम था गंगा ।15दिन गूजर गये ।
..............2दिन बाद उसे खबर मिली की उसका पति  सही सलामत घर आ रहा हैं ।युद्घ खत्म हो गया ।इस खुशी मे उसने मंदीर मे  रामायण का पाठ रखवाया (जैसा की हम सब जानते हैं कि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले अपनी इच्छा के अनुसार रामायण को पढ़ा जाता है इसे 24घण्टे मे या पहले खत्म किया जाता है और 24घन्टे एक दिया जलता रहता है  )गंगा पूरी भक्ति से भगवान की पूजा करती थी और उसकी हर मुराद पूरी होती थी,उसे अपने ईष्ट देव पर पूरा विश्वास था ।
उसका पति आगया गंगा ने अपने पति को बोला की पहले आप नहा के मन्दिर मे चले जाईए मैने आपके लिये रामायण रखवाया है वो चला जाता है।
तभी दो छोटे-छोटे बच्चे आते है और गंगा को बोलते हैं की जो दिया तुमने मन्दिर में जलाया है उसका घी खत्म होने को है और वहाँ पे और घी नहीं है,पर गंगा उन दो बच्चो को जानती नही थी पेहली बार ही देख रही थी,और सोच रही थी की अगर घी खत्म हो गया तो मेरे पति आते या जीसे मै जानती हू ये कौन बच्चे है मै तो जानती भी नही इनको फिर कैसे दे दू ######## गंगा ने उनका नाम पूछा तो उसमे से एक बच्चे ने बोला ये राम और मे अंजनी का पुत्र हू ,गंगा ने पूछा कौन अंजनी मैं तो किसी अंजनी को नही जानती ।गंगा के इतना कहते ही वो दोनो बालक चले गए ।
गंगा भी पूजा घर मे घी लेने गई की मै ही दे के आ जाती ही पर उसकी नजर राम जी की और हनुमानजी की फोटो पे गई तो वो दौड़ के बाहर गई उसने चारो तरफ़ देखा हर गली मे देखा पर वो दोनो बालक नही दिखे । वो जल्दी से अपने घर गई और उस फोटो के सामने बैठ के रोने लगी ।
उसने माफी मांगी राम जी से और हनुमान जी से की मैने क्यों नहीं दिया आपको घी कितनी नासमझ हू मै की पहचान ना पाई  ये सब 5मिनट के अन्दर हो गया ,गंगा के बेटे ने ये सब देखा जो की 13साल का था ,उसे उस समय तो समझ नही आया पर बाद मे जरुर आया । विशवास मे इतनी शक्ती होती है की भगवान को आना ही पड़ता है ।
वो दोनो बालक और कोई नही राम जी और हनुमानजी जी थे ।
उस बालक ने कहा की ये राम है और में अंजनी पुत्र ।
........गंगा को बहुत ही अफ़सोस था की वो पहचान ना पाई ।पर उसके बेटे ने ये बात सबको बताई।
जय श्री राम