मां शारदे के बाद में ,
करती हूं लेखनी को नमन ।
लेखकों की लेखनी तुरत करे कमाल 
लिखे प्रेम मिलन साजन से 
विरह गीत भी खूब  लिखे।
देशभक्ति की गाथाएं ,
शहीदो का बलिदान लिखें।
 त्याग ,तपस्या ,मां की‌ ममता ,
 बलिदानों की गाथाएं ।
 सीता, अनसूया ,शबरी ,
 मीरा की भक्ति लिख दे 
 राजनीति की भाषा लिख दे
  इतिहास की गाथाएं ।
  ज्ञान विज्ञान खूब लिखे।
   गागर में सागर भर दे।
    नित नए नए लोगों से सीख ,
    नित नया सुधार कर दें ।
    मेरे अंतर्मन की समस्त व्यथा
     कोरे कागज पर लिख दे ।
                       


                        दिल की कलम से
                         मधु अरोड़ा