हमारी डूबती जीवन नैया को बचाने
इतनी सी रोशनी काफी है ।
कभी किसी का सहारा मिलता
कभी कोई काम कर देता है ।
बस इतनी सी मदद काफी है
जिंदगी हो जाती नियमित ।
किसी की मदद प्यार दुलार से
आस की एक किरण भर देती।
जीवन में उल्लास
चलो अब हम भी थोड़ा सा करे प्रयास ।
नेक काम की शुरुआत करें
रोज एक किसी के जीवन में
आत्मविश्वास भरे।
थोड़े से प्रकाश से
किसी का जीवन उज्जवल करें।
आओ थोड़ा उपकार करें।
कल लेने की बारी थी
आज देने को तैयार रहो ।
किसी एक उदास चेहरे पर
हंसी मुस्कान की किरण जगाए।
इतनी सी रोशनी से
किसी का जीवन बचाएं।
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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