ये कठिन पल बीत ही जाएँगे कभी तो खुधियों की धूप निकलेगी कभी तो ये गम का अंधेरा दूर होगा कभी तो सुख का सूरज निकलेगा कभी तो गम की ये साँझ ढलेगी आशाओं का इंद्रधनुष निकलेगा क्षितिज पर कभी तो ये महामारी हारेगी दृढ़ संकल्प से कभी तो मानवता जीत जीतेगी और हर दानवी ताकत हार ही जाएगी।