फिर से वो गुजरा वक़्त आयेगा.....
लोगों का शौक बदल जायेगा.......
आज जो उँगलियाँ मोबाइल पे दौड़ती है कल,
किताबों के पन्ने पलटायेगा.......
        इंसान है........शौक तो बदलते रहते हैं,
कहानी और कविताओं का फिर दौर आयेगा.....
          नई चीजों की चमक वक़्त के साथ पर जाती है
          फिकी,लेकिन पुरानी चीजें अपनी चमक कभी 
           खोती............😊😊
                                ऋचा कर्ण✍