इतने भी नादान नहीं हो,
इतने भी मासूम नहीं हो ।
उम्र के इस दौर पर ,
खिलखिलातीरहे जिंदगी ।
मुस्कुराते रहे आप,
तारीफ करें क्या हम।
दिल में समा गए है आप,
बातें आपकी मीठी मीठी।
प्यार से समझाना हर बार ,
ना कोई तकरार कहीं भी।
हर समय बस ,प्यार की फुआर।
जपते हो तुम मेरा नाम,
क्या सुबह क्या शाम ।
प्रीत लगाओ घनश्याम से ,
करेंगे बेड़ा पार।।
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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