माना हैं हालात बुरे अब
हर ओर मचा है कौलाहल
पर जान बचाने को अपनों की
हर हाल मे लड़ना ही होगा !
औरों का भी साथ निभाएं
भूल के उनको बिछड गए जो
माना हैं ये कड़वे घूंट भले पर
हर हाल मे पीना ही होगा !
अपने और अपनों की खातिर
हर हाल मे जीना ही होगा !!
--- सतीश निर्दोष

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