अदिति अरे ओ अदिति................... मेरा प्रमोशन ही गया और साथ साथ,स्थानांतरण भी ।बोलो कहां हुआ होगा,?
राजगीर _ अदिति बोली ।
हां अदिति _राजगीर ।
दुहरी खुशी😀🥂
इसी बात पर आज का डिनर हम बाहर लेते है।सात दिनों की छुट्टी मिली है। पैकिंग भी करनी होगी,_अंकुर ने कहा।
लेकिन अंकुर .... इतनी जल्दी ....खुशी के मारे अदिति उछल रही थी।
अरे सब हो जाएगा,परेशान ना हों।
मूवर्स एंड पैकर्स को मैंने फोन कर दिया है ,हम कल अपना पूरा समय शॉपिंग, मूवी,रिश्तेदारों के घर गुजारेंगे,और देखना लौट के सब सामान पैक हो चुका होगा।
चलो नहीं तो डिनर के लिए देर हो जाएगी।
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तीसरे दिन वे लोग पटना से राजगीर करीब 3 घंटे का सफर कर कार से पहुंचे।
घर ऑफिस द्वारा आवंटित था।सामान पहुंच ही चुका था।
ज्वाइनिंग के लिए अभी 4 दिन बाकी थे।
दोनों ने मिलकर अगले दिन सामान व्यवस्थित किया।लंच और डिनर,ऑफिस के मेस से आ गया था।
अगले दिन वे घूमने निकले ,अदिति बचपन से ही नई नई जगह घूमने की शौकीन थी।
गर्म पानी कुंड, गृद्धकूट पर्वत,जहां बौद्ध संगिती हुई थी,शांति स्तूप,जापानियों द्वारा स्थापित बौद्ध विहार।
खूब घूमे,रात को लौट कर आए दोनों तो थक के चूर थे,खाना दोनों ने बाहर ही खा लिया था,इसलिए जल्दी ही नींद ने आगोश में ले लिया।
अगले दिन वे सोन गुफा घूमने निकले,कहा जाता है ,की यहां जरासंध ने अकूत संपति,सोना चांदी रखा है।
लेकिन गुफा के बाहर , कूट भाषा में उसके खोलने के बारे में लिखा है।जिसके लिए बहुत बार हमला भी हुआ,इतना तक की अंग्रेजों ने उसपर तोप का गोला भी दग वाया लेकिन गुफा का दरवाज़ा किसी तरह भी नहीं खुला।
अदिति बहुत ध्यान से कूट भाषा को देख ही रही थी , कि एक बुढ़िया उसके नजदीक आयी,उसका चेहरा अत्यंत भयानक था,वो आइना बेच रही थी।
अदिति के पीछे लग गई ,एक आईना ले लो _ बहू जी।
बहुत चमत्कारी है।अनुज ने कहा ले लो,अदिति गरीब की मदद हो जाएगी
अदिति ने आइना खरीद लिया।
घर लौट कर उसने बेडरूम में शीशा लगा दिया।
दो दिन तक कुछ भी नहीं हुआ। एक दिन अंकुर की रात की ड्यूटी थी ,अंकुर ने अदिति से अच्छे से दरवाज़ा बंद करके सोने को कहा।
अदिति दरवाज़ा बंद करके सोने गई ।अचानक रात 2 बजे के करीब उसकी नींद खुली,वो पसीने पसीने थी।शायद कोई भयानक सपना देख लिया था,उठकर पानी पिया।
तभी उसे फुसफुसाने की आवाज़ आती कोई उसे बुला रहा था..........।उसने चौंक कर इधर उधर देखा ,ये आवाज़ शायद आइने से आ रही थी।........
अदिति डर गई ......।
शेष अगले अंक में

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