माता पिता भगवान की एक अनमोल धरोहर हैं,
दोनो एक दूसरे के पूरक हैं!
माता ख्वाहिश पूरी करने वाली एक पोटली है,
पिता पर तो दुनिया ही सारी टिकी है!
माता ने उंगली पकड कर चलना सिखाया,
तो पिता ने हमेशा सही राह पर चलना बताया!
कीमत पूछो उनसे मां बाप की, जिन्होने बिना उनके उम्र सारी गुजारी है!
नाउममीदो के दौर मे पिता एक उम्मीद आखिरी है!
अपनी इच्छाओ को दबाकर हमारी छोटी से छोटी ख्वाहिश को पूरा करने वाला प्रहरी है!
कुछ  दे ना दे प्रभु एक बच्चे को,पर एक मां का आँचल और पिता रूपी छत जरूरी है!
क्या करू वर्णन एक पिता का,अंत मे बस इतना ही कहूँगी कि मां ने रखा नौ महीने कोख मे,तो पिता ने सारी उम्र उसके भविष्य  को दिमाग मे अपने रखा!
अतुल्य प्रेम पिता का!
                                    
                                 श्वेता अरोडा