पिता घर की छत होता है, माँ की ज़िंदगी होता है,पूरे परिवार की कल्पना उसके पंख होता है!!

बेटी के सपनों के राजकुमार में भी पिता के जैसा ही एक हमसफ़र होता है!!

पिता एक लेखक की रचना जैसा होता है उसके मन में बसा एक सपना जैसा होता है!!

वो जब होता है तब किसी को एहसास नही होता है और जब वो नही होता है तब घर का हर एक कोना उदास होता है!!

पिता के होने से हर गम भी ख़ुशी सा होता है!!
उसके ना होने पर उदास सा ये मन हर वक़्त होता है।।

आज जिनके पास पिता है वो कद्र करलो उनकी,
क्योंकि उनके जाने के बाद तो हर शख्स सिर्फ़ उनकी तस्वीर को देख कर ही रोता है।।

अपने हर सपने को पूरा करते-2 कब पिता की ज़िन्दगी की शाम हो जाती है,
और ये एहसास हमें तब होता है जब हम पिता बनते है!!

ज़िम्मेदारी का हर बोझ अपने कंधे पर उठाता,
ये पिता है ज़नाब जो हर वक़्त मुस्कुराता है!!

मेरी हर बात को मुँह से निकलते ही पूरी करने वाले मेरे पिता को शत-शत नमन।।

नाम :- एकता श्रीवास्तव ✍️