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रश्मिरथी
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रश्मिरथी
उलझन
उलझन
जून 25, 2021
तेरे साथ उलझी हूँ ऐसे,
चाशनी में जलेबी हो जैसे
सुलझकर टूट जाने से बेहतर है
उलझ कर मिठास बनी रहे.....।
ऋचा✍😊
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