हे, वटवृक्ष पूजती हूँ मैं हर साल,
माँगती हूँ आज एक वरदान......।
जिस तरह आप की उम्र लंबी है,
मेरा सुहाग भी दीर्घायु रहे.....।
जिस तरह आपकी हरियाली बनी रहती है,
मेरी सुहाग की लाली बनी रहे........।
अर्पण करती हूँ मैं जल ,फूल ,फल
मेरे आँगन के नन्हें फूलों की रक्षा करना....।
ये जो पवित्र धागों के बंधन से बाँधी हूँ,
मेरा भी पवित्र बंधन मजबूत रहे........।
हे,......व्रक्षदेवता ,है आस्था और विश्वास,
बनाये रखना हम पर सदा आशिर्वाद..........।
ऋचा🙏✍

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