तुझसे मिलना इत्तफाक था या तकदीर का फैसला,
पर तकदीर तो मेरी तुझसे मिलकर ही बनी!
तू जिन्दगी है मेरी,और मुझे मेरी जिन्दगी बहुत प्यारी है,
साथ तेरा मेरे साथ रहे हमेशा, तुझसे ही खिलती मेरी दुनिया सारी है!
मेरी बगिया के फूलो के लिए तू बहुत खास है,
तेरा मेरे आस पास रहना एक सुखद अहसास है!
चलती रहूं गिरती रहूं,यूं ही देते रहना मुझे हौसला!
पच्चीस बसंत देखे तेरे साथ, चल मिलकर शुरू करे आगे का कारवां!
तुझसे मिलना इत्तफाक था या तकदीर का फैसला!
श्वेता अरोड़ा

0 टिप्पणियाँ