दिल का दिल के दरमियां ,
यूं फासला हो गया ........
साथ हम तो रहे ,
दिल जुदा हो गया............
बात बस कुछ लफ्जों की थी,
जब उसने कहा मैं खफा हो गई,
जब मैंने कहा वह खफा हो गया......
दिल का............
साथ देखकर हमें भी लोग हैरान हैं,
माजरा क्या है सोचकर परेशान हैं ,
आग कैसे बुझी, दर्द कैसे दवा हो गया........
दिल का दिल............
मुश्किलें साथ हल भी तो लाती ही हैं,
दोनों ने चुन लिया सही रास्ता
बात उलझी नहीं ,फैसला हो गया ..........
दिल का दिल...............
......✍️ पिंकी मिश्रा

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