अभी पूरा विश्व कोरोना महामारी के चपेट में आया हुआ है, ऐसे में सरकार अपनी तरफ से हर एक कोशिश कर इस देश को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रही है, वहीं समाज के अधिकांश लोग सरकार द्वारा बनाए गए नियमों की अनदेखी कर स्वयं के साथ अन्य लोगों को भी संकट में डाल रहे है |आज की कहानी इसी विषय पर है|
लाडली बिटिया के ब्याह के लिए उसके पिता न जाने कितने सालों से पाई पाई जोड़कर रखे थे, बिटिया की शादी में कोई कमी न रह जाऐ इसलिए खुद ही सारी तैयारियां करने में लगे थे| आज लड़के वालों की तरफ से बारात आने वाली थी, लड़के वालों की ही जिद्द थी कि शादी पहले से तय तारिख पर ही होनी चाहिए | लॉकडाउन भी खुल गया है तो अब धूमधाम से करेंगे अपने बेटे की शादी, सच ही तो है अब तक लोगों में सरकार का डर ही था जो उन्हें घरों में बंद रखे था कोरोना के कारण उनको कुछ नहीं होगा क्योंकि उनके हिसाब से शहर में अभी एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला था | अब शादी की तारिख पहले से तय थी, लड़की के पिता सरकारी अधिकारी होने के बाद भी लड़के वालों के सामने बेबस हो गये थे,सामने से रिश्ता तोड़ देने की धमकी जो मिल गई थी| एक साल की सगाई चलने के बाद उन दोनों की आज शादी होने वाली थी, ऐसे में रिश्ता टूट जाता तो समाज में बदनामी का डर था, दूसरी तरफ देश ओर समाज के प्रति उनके कर्तव्यों का पालन करना भी जरुरी था, नहीं तो वहीं समाज उन पर सरकारी अधिकारी होने के बाद भी नियमों का पालन न करने का आरोप लगा जाता|
तमाम कोशिशें करने के बाद पिता ने अपने आवश्यक रिश्तेदारों को बुलाया, शहर से बाहर के व्यक्तियों को शादी में शामिल नहीं किया गया| अत्यंत साधारण तरीके से शादी की रस्में निभाई जा रही थी, एक दो लोगों को बुलाकर मण्डप ओर अन्य तैयारी करवाई गई ओर शादी में सम्मिलित होने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया, जगह जगह सेनेटाईजर कि बोतलें रखी गई | आस पड़ौस में उनकी बहुत तारीफ की जा रही थी, की इतना प्रतिष्ठित परिवार होकर कितनी सादगी और नियमों को ध्यान में रख कर रस्में निभाई जा रही है| बारात पड़ौसी गाँव से आने वाली थी, लड़के वाले बारात के लिए रवाना हुए तो न चाहते हुए भी करीब अस्सी लोग इकट्ठे हो गये | आधे से ज्यादा लोग बिना सावधानी रखे उनके साथ जा रहे थे, रास्ते में एक दो जगह उतरकर कोई पानी ला रहा था तो कोई पान मसाला| दो घण्टे के सफर के बाद बारात लड़की के घर पहुँच गई, सबका खूब अच्छे से स्वागत किया गया, सब लोगों ने रस्मों के होने का इंतजार किया, एक आवश्यक दूरी के साथ सबको बिठाकर भोजन करवाया गया, उसके बाद फेरे होने थे| लड़के ओर लड़की को कुछ दूरी पर बैठा कर रस्में निभाई जा रही थी, लड़की के पिता द्वारा पूरी सावधानी रखी जा रही थी | शादी पूरे विधी-विधान के साथ सम्पन्न हुई, कुछ समय में लड़की की विदाई हो गई, अब दुल्हन अपने ससुराल पहुँची तो वहाँ भी रस्में होनी थी, सब इस सादगी भरी शादी की प्रशंसा कर रहे थे।
तभी अचानक दुल्हन को तेज बुखार आता है, सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है, उधर शादी में शामिल कई बारातियों के समाचार उनको मिलते हैं, सब लोग कोरोना की आशंका से अस्पतालों में भाग रहे है, जिनको कोई दिक्कत नहीं थी वह भी अपनी जाँच करवा रहे थे| दुल्हन की हालत अधिक खराब होते देख उसे बड़े अस्पताल में रैफर किया गया, उस नई नवेली दुल्हन कि रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने से पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई, एक के बाद एक केस सामने आने लगे, उन बारातियों में से सत्तर लोगों की एक साथ रिपोर्ट पॉजिटिव आने से पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया| लड़की के परिवार वालों की रो-रो कर बूरी हालत हो गई थी, उपर से पूरा समाज उनकी निंदा करने लगा, किसी को यकीन नहीं हो रहा था की ये सब कैसे हो गया| बारात में बहुत से लोग बिना मास्क घूम रहे थे, कुछ बाराती दूर- दराज के भी थे| किसने सोचा होगा वे सब इस शादी में उनका काल बन कर आएंगे, पर उन बारातियों की लापरवाही के कारण इतने सारे लोगों को इस बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया| आज फिर से लड़के वालों की दकियानूसी सोच के कारण एक बेटी मौत की दहलीज पर खड़ी थी, बेचारी अपने वैवाहिक जीवन का पलभर के लिए भी अहसास नहीं कर पाई|
उसके परिवार वालों ने कितनी दफा उनको समझना चाहा कि कुछ महीने के बाद आराम से शादी करेंगे, लॉकडाउन खुल जाने से इस महामारी में तेजी से वृद्धि हो रही है| लेकिन थे तो आखिर लड़की वाले उनकी इतनी समझदारी वाली बातें लड़के वालों को हजम नहीं हुई, अपनी अकड़ और झूठी शान के लिए उन्होंने एक ना सुनी| ओर आज उस परिवार की इकलौती बेटी ससुराल वालों की लापरवाही के कारण मौत को प्यारी हो गई...... काश उस लडकी के पिता ने वह रिश्ता तोड़ दिया होता, उसके पिता समाज की सोच को महत्व देते रहे, और नादानी में अपनी फूल सी बेटी को हमेशा के लिए विदा कर बैठे|
रंजना सोनी

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