🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
चिडियो जैसी पुरे घर में
चहकती खिलखिलाती रहती है
अपनी प्यारी मुस्कान से
परिवार में खुशबु बिखेरती रहती है
माँ की दिल के शान बनके
दुनिया के हर रस्म निभाती है
दुख हो सुख हो पढ़ लेती माँ की आँखों में
इसीलिए ही तो माँ की सहेली कहलाती है
कोई कितना ही मान ले दुनिया में
वहम पाल ले अपने मन में
कह कह कर बेटियाँ बोझ है
सच उनकी मन ही जाने एक बेटी की क्या पहचान है
पीता की गोद में बिताई बचपन
भाइयो के संग चली हर कदम मिलाकर
लाख दर्द हो दिल में फ़िर भी
कभी ना कहती किसीसे खुलकर
एक ही दुनिया में ना जाने कैसे कैसे लोग रहते है
एक ही घर में जहाँ बेटे की हर मांग पूरी होती है
बेटी की छोटी सि खुशी पर भी लगी बंदी होती है
फ़िरभी कोई गिला ना करती, अपनी पापा की बनी परी रहती है
परिवार की मान के लिए
देदे ती अपनी खुशियों की क़ुरबानी है
फिर भी कोई उसकी दर्द ना समझता
होते लोग कैसे इतनी अभिमानी है
एक तरफ पिता अपनी
गुड़िया की करते बिदाई है
बेटी अपनी सौभग्य मान कर
पिया के नाम की सिंदूर मांग में सजाति है
बेटी से बहु है बनती
पिया की हाथ थामे आती है ससुराल
सास, ससुर, ननंद और देवर की
दिल से हर एक रिश्ते की रखती मान है
क्यूँ करते नहीं मान उस बेटी की
क्यूँ चिर देते है कलेजा एक पिता की
माँ की जो आँखों की गुड़िया है
कुछ स्वार्थ के लिए उसे सताया जाता है
हाथ जोड़ कर बिनती है मेरी
पवित्र धरती से ऐसी फेद भाव हटाई जायें
यही पर जीना है ज़िन्दगी सबको
क्यूँ बेटी के संग माता पिता को भी तड़पाते है
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
नैना..✍️🙏🙏❤️

0 टिप्पणियाँ