नहीं होते इलाज कभी दुनिया में जादू टोनों से
अंधविश्वास का इलाज नहीं, कहीं भी किसी कोने में।
लाख मंन्नतें मांगों जाओ पीरों फकीरों पर
नहीं रोक सकते तुम ,होनी को होने से।
कैसे होगा तुम्हारा भला जो बुरा चाहोगे दूजो का
कभी मिलती नहीं औलाद औरों का घर खोने से ।
फरेबी बाबा , पंडों से रहना जरा तुम दूर दूर,
मिलेगा खुदा जरूर, मगर खुद का मैल धोने से।
कायनात बिखर जाएगी मक्कारों के फरेब से
मिलेगा नतीजा वही ,तुम जो जाओगे बोनें पे।

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