अक्सर हमने फिल्मों में खलनायक देखे हैं। जो नायक के जीवन में हर घड़ी मुश्किलें लाने की कोशिश करता है,और उसके दुख में ही अपनी खुशियां ढूंढता है।ठीक इसी तरह हमारे जिंदगी के रंगमंच में भी खलनायक होते हैं। और यह खलनायक की भूमिका हमारे जीवन में आखिर निभाता कौन है????........ 

प्रथम-हमारी नकारात्मक सोच जो हमें जीवन में कोशिश करने से पहले ही हार मानने पर मजबूर करती है।जब हम मन से हार जाते हैं,और कोशिश करने के पहले ही निराश हो जाते हैं,तो हम जीवन में वह भी प्राप्त नहीं कर सकते जो शायद हमें कोशिश करने से मिल जाए। इसलिए सकारात्मक सोच हमारे लिए यहां पर नायक का काम करता है।

द्वितीय-हमारे जीवन से जुड़े ऐसे लोग जो हमें सही सलाह देना तो दूर,हमारी सफलता से अंदर ही अंदर जलते हैं। जो मुखौटा पहने होते हैं।बाहर से अच्छा बनते हैं लेकिन पीठ पीछे हमारी सफलता में भी बुराई ही ढूंढते हैं। ऐसी भावना रखने वाले भी हमारे लिए खलनायक ही होते हैं।जो हमारे जीवन में नकारात्मक सोच को ज्यादा उजागर करते है,और हमें हतोस्साहित करते हैं।
                                परंतु हमें अपने जीवन में सकारात्मक सोच रखते हुए,सतमार्ग पर चलकर अपने आपको नायक मानना चाहिए।तब ऐसे  खलनायक से सकारात्मक सोच रुपी संघर्ष कर हम अपने जीवन में सफल होंगे। फिर हमें कोई भी भटकाव के रास्ते पर नहीं ले जा सकता। हमारे जीवन में निस्वार्थ प्यार और सही रास्ता हमारे ईश्वर और माता-पिता ही दिखाते हैं। एक जगत के पालन करता है तो दूसरे हमारे जीवन दाता दोनों ही हमारे जीवन के "अमूल्य धरोहर" है। यदि किसी भी मुश्किलों में हम इनके शरण में होते हैं,तो हमारे जीवन में ऐसे खलनायकों की भूमिका के आगे,हमारी भूमिका ही सर्वोपरि रहेगी और हमारी जीत सुनिश्चित होगी।
          .........🙏सत्यमेव जयते🙏.........

                                    

   मनीषा भुआर्य ठाकुर(कर्नाटक)