किसी को चाहना और जिन्दगी भर.. बस चाहते रहना,
         हर किसी के बस की बात नहीं होती|
जो कदर ना कर सके.. उनसे मिलने को बार बार, 
             दिल की फरियाद नहीं होती|

मन करता है रिश्ता ही तोड़ ले.. उनसे जाकर अभी,
           पर मैं ही हूँ जो उससे खफा नहीं होती|
मान लिया परेशानियों से घिरे हो तुम.. पर देखो कभी,
            मैं ही हूँ जो तुमसे बेवफा नहीं होती|

वक्त खराब है तो कट जाएगा.. ये मुसीबत की घड़ी,
                हर पल हर रोज नहीं होती|
मत जाओ यूँ छोड़कर मुझको अकेले.. अकेले रहने से,
               जिन्दगी कभी आसान नहीं होती|

प्यार गहरा है तो याद भी गहरी होगी.. जागती रातों की,
               सुना है कभी सुबह नहीं होती|
जख्म तो भर जाएंगे समय के मरहम से.. पर दु:खती
              रगों की कोई दवा नहीं होती|



        रंजना सोनी