इन आंखों में बसी ताबीर सिर्फ तेरी है
हम के बिना, तुम हमेशा अधूरी है।।
दिल के हर तार का यारे मोहब्बत जब वाबस्ता हुआ
पता चला अभी तो इंतजारी सदियों में कायनाती दूरी है।।
अब तो नयनों को पल-पल बरस के तरसना होगा
मिलन की राह में अभी कांटों भरी सूली, झुलसती सेज सी बिछी है।।
मुद्दते सदियां बीत चुकी हैं,अब तो बस
दरख्वास्त ए इंतजारी सदियों, तुम्हारा पूरा होना
प्रेम-परिणिती में मुकद्दस सा जरुरी है।।
रिदिमा 🌹💞

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