उजालों ने बिसरा दिए अंधेरे
अमावस्या ने बिसरा दिए
उजाले
ये अंधेरे भी हमारे,
ये उजाले भी हमारे
खुशियाँ भी हमारी
ग़म भी हमारे
साहस भी हमारा
डर भी हमारा
जब सब हमारा
तो निश्चय भी हमारा साहस से फ़ैलाये
खुशियो का उजाला
अन्जू

0 टिप्पणियाँ