आज सालों बाद हर्ष और तनु आमने-सामने थे लेकिन दोनो में जमीन-आसमान का अंतर था।दोनों ही आग की तरह गर्म थे लेकिन दिलों में प्यार की ठंडक भी थी।आज फर्ज का रास्ता चुनेगी तनु या मुहोब्बत का?


तनु,एक आई.पी.एस. ऑफिसर,जिसका कुछ दिनों पहले ही तबादला दिल्ली से बिहार में हुआ है यहाँ उसका तबादला एक खास काम के लिए हुआ है और वो खास काम है,"वहाँ के जाने माने गैंगस्टर शिवा को पकड़ना,चाहे जिंदा या मुर्दा।"


बहुत दिनों तक तनु ने मेहनत की।ऐसा कोई ठिकाना नही छोड़ा जहाँ ओर शिवा के होने की संभावना हो लेकिन उसका कहीं कुछ पता नही चला।फिर एक दिन तनु को पता चलता है कि शिवा कामिनी के कोठे पर आया हुआ है।वो अपनी तीम लेकर गई और छापा मार दिया कोठे पर।पुलिस  ने हर कमरे को घेर लिया।हाथों में रिवॉल्वर लिए तनु अब कामिनी के कमरे तक पहुँचती है और जैसे ही दरवाजा तोड़कर अंदर जाती है तो देखती है कि शिवा कामिनी की बाहों में उसी के बिस्तर पर है।शिवा अब तेजी से उठता है और पास ही रखी हुई अपनी पिस्तौल उठाकर उसकी तरफ करता है।अब वो जैसे ही तनु को देखता है तो बस देखता ही रह जाता है।तनु कोई ओर नही बल्कि उसका कॉलेज का पहला प्यार थी।शिवा के हाथ काँपने लगते है लेकिन कुछ पल तनु के साथ बिताने की लालसा में वो अपनी टाँग उठाकर तनु की रिवॉल्वर पर तेजी से वार करता है और तनु अपना संतुलन खो देती है और उसकी रिवॉल्वर दूर जाकर गिरती है।

अब शिवा अपनी रिवॉल्वर तनु की कनपटी पर रखता है और  देखते ही देखते उसे उसी की जीप में बिठाकर कहीं दूर ले जाता है।दोनों एक घने जँगल में पहुँच जाते हैं जहाँ पर शिवा का अड्डा है।अब शिवा उसे रिवोल्वर के दम पर अपने कमरे में ले जाता है।

अब वहाँ शिवा उसे गले लगा लेता है और कहता है,"मेरी तनु,पहचाना नही मुझे,मैं तुम्हारा हर्ष ही तो हूँ?"

तनु उससे अलग होती हुई कहती है,"तुम मेरे हर्ष नही हो  सकते,तुम तो एक गैंगस्टर हो जो न जाने कितनी ही जाने  ले चुका है।"

अब हर्ष(शिवा) उसे जबरदस्ती गले से लगा लेता है और कहता हूँ,"जान मेरे प्यार को अपना लो,एक शहजादी की तरह रखूँगा तुम्हे,ये तो मेरे पापा का खानदानी धंधा है तो मुझे अपनाना ही था।"

अब तनु कहती है,"जब मैंने कहा था कि या तो ये धंधा चुनलो या मुझे तो तुमने मुझे नही बल्कि इस पाप की दुनिया को ही चुना,इसलिए आज तुम्हारी शहजादी बनने से अच्छा तो मरना ही है मेरे लिए।"

शिवा अब उसके साथ जबरदस्ती करने लगता है लेकिन तभी तनु होशियारी से शिवा को धक्का देती है और फुर्ति के साथ उसी की रिवॉल्वर निकाल लेती है।

अब तनु रिवॉल्वर शिवा की ओर तान लेती है और उसे अपने साथ चलने को कहती है।तनु अब कहती है,"अगर मुझसे प्यार होता तो मुझे जबरदस्ती न पाना  चाहते,तुम्हारा प्यार सिर्फ इस कोठे तक का ही है।अब चुपचाप मेरे साथ चलो नही तो गोली मार दूँगी।"


शिवा को भरोसा है कि तनु उसे नही मार पाएगी इसीलिए वो मुस्कुराते हुए दौड़ने लगता है कि तभी तनु उसे गोली मार देती है।तनु दौड़ते हुए शिवा की कमर पर गोली मारती है जो उसके शरीर के आर पार हो जाती है।वो वहीं गिर जाता है और अब आखिरी साँसे ले रहा है।


तनु उसके करीब बैठी  है और पुराने दिन याद कर रही है जब  वो उसे बेहद मुहोब्बत करती थी।अब शिवा उसकी तरफ देखते हुए ही इस दुनिया से चला जाता है।तनु के पास दो रास्ते थे एक प्यार का तो एक फर्ज का,तनु ने एक गैंगस्टर को मारकर फर्ज का रास्ता  चुना।

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अंत